आमतौर पर अपने और अपने परिवार को किसी भी आपात स्थिति में आर्थिक रूप से सुरक्षित रखने का सबसे अच्छा उपाय इंश्योरेंस यानी बीमा पॉलिसी खरीदना है. परिवार की देखभाल में लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी बहुत अहम भूमिका निभाती है. बाजार में जीवन बीमा में अमूमन दो तरह के प्लान ट्रेडिशनल प्लान और टर्म प्लान मौजूद हैं.
टर्म इंश्योरेंस शुद्ध बीमा होता है. यानी, टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी में मैच्योरिटी पर पैसों से जुड़ा कोई फायदा नहीं होता है लेकिन पॉलिसीधारक की असमय मृत्यु होने पर नामिनी को इंश्योर्ड रकम मिल जाती है. यह रकम ट्रेडिशनल लाइफ इंश्योरेंस प्लान से कई गुना ज्यादा होती है.
टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले ये बातें जरूर ध्यान रखें.
1. टर्म इंश्योरेंसे खरीदने का सही वक्त
अक्सर लोगों को लगता है कि थोड़ा समय बीत जाने के बाद के ठीक-ठाक पैसे इक्ट्ठे करने के बाद ही इंश्योरेंस प्लान खरीदें, लेकिन उनकी यह सोच ठीक नहीं. जैसे-जैसे उम्र बीतती है वैसे-वैसे इंश्योरेंस प्रीमियम भी महंगा होता जाता है साथ-साथ शरीर में बीमारियां भी बढ़ती है. अगर सस्ता प्रीमियम चाहिए तो जल्द से जल्द इंश्योरेंस खरीदना चाहिए.
2. इंश्योरेंस प्रीमियम कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें
प्लान फाइनल करते वक्त इंश्योरेंस कैलकुलेटर का इस्तेमाल जरूर करें. इससे आप सही रकम निकाल पाएंगे. सभी इंश्योरेंस कंपनियों की वेबसाइट पर आपको इंश्योरेंस कैलकुलेटर मिल जाएंगे. इनकी मदद से आप अपने लिए सही प्लान चुन सकते हैं.
3. कीमत देखकर प्लान न खरीदें
कंपनी की वेबसाइट पर दो प्लान उपलब्ध है – एक 20 रुपये प्रति दिन और दूसरा 6,500 रुपये प्रति साल, जाहिर सी बात है सस्ता प्लान ही ध्यान आकर्षित करेगा. लेकिन सस्ता प्लान सालाना प्लान से भी मंहगा पड़ सकता है. ये मात्र एक मार्केटिंग स्ट्रैटजी होती है. कई बार कोटेशन के वक्त बताई गई रकम मेडिकल टेस्ट के बाद बढ़ जाती है. कंपनी सभी तरह के फैक्ट्स जांचने के बाद ही प्लान का प्रीमियम तय करती है.
4. जरूरत होने पर राइडर खरीदें
इंश्योरेंस प्लान के अलावा कुछ अन्य फायदों के लिए राइडर उपलब्ध कराए जाते हैं. अपनी जरूरतों के हिसाब से इंश्योरेंस पॉलिसी के साथ-साथ राइडर भी लिया जा सकता है. मान लीजिए अगर आप अक्सर ट्रैवल करते हैं तो एक्सिडेंटल डेथ बेनिफिट राइडर लेना सही रहेगा. हालांकि राइडर से प्रीमियम का खर्च बढ़ जाता है इसलिए सोच समझकर निर्णय लें.
5. जानकारी न छुपाएं
अपनी सभी आदतों की जानकारी इंश्योरेंस कंपनी को जरूर दें. अक्सर लोग धूम्रपान या शराब पीने जैसी आदतों को छुपाने की कोशिश करते हैं. इन सभी जानकारी के आधार पर ही प्रीमियम की कैलकुलेशन की जाती है. ऐसी बातों को छुपाना कॉन्ट्रैक्ट तोड़ने के समान है जिससे कंपनी बाद में आपका क्लेम भी रिजेक्ट कर सकती है.
हालांकि, टर्म इंश्योरेंस प्लान में क्लेम खारिज करने का रेशियो काफी कम है. अपने परिवार के स्वास्थ से जुड़ी सभी जानकारी भी कंपनी को बताएं. कुछ बीमारियां वांशिक होती है जो एक परिवार के सदस्यों में होना आम बात है. कंपनी सभी तरह की बातों को ध्यान में रखकर ही प्रीमियम की रकम तय करती है.
6. लाइफ कवरेज
टर्म इंश्योरेंस 1 करोड़ तक की रकम का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराते हैं जो कि एक ठीक-ठाक राशि लगती है. लेकिन मंहगाई और अन्य बातों को ध्यान में रखते हुए 1.5 करोड़ से कम का प्लान नहीं लेना चाहिए. सिम्पल कैलकुलेशन यह है कि अगर कार्यकाल 25 साल का है तो कवर सालाना खर्चों के 250 गुना के बराबर होना चाहिए. सभी दस्तावेजों को ध्यानपूर्वक भरें. नॉमिनी का नाम भरना न भूलें. कोई भी छोटी-सी भूल क्लेम रिजेक्ट करने के लिए काफी है.
