क्या ज़ीरोधा शेयर ट्रेडिंग के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद है?

जेरोधा देश की सबसे बड़ी ब्रोकरेज फर्म बन गई है. इसने ग्राहकों की संख्या के लिहाज से बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है.

2018 में यह निवेशकों की पसंदीदा ब्रोकरेज फर्म बनकर उभरी है.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2018 के अंत में जेरोधा के सक्रिय ग्राहकों की संख्या 8.47 लाख थी.

इसके मुकाबले आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के ग्राहकों की संख्या 8.45 लाख थी.

शेयरखान के पास 5.49 लाख ग्राहक थे. एक्सिस सिक्योरिटीज के ग्राहकों की संख्या 4.17 लाख थी.

एंजेल ब्रोकिंग के पास 4.16 लाख ग्राहक थे.

कोटक सिक्योरिटीज, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज, कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग और आईआईएफएल भी बड़ी ब्रोकिंग कंपनियों में शामिल हैं. इनके ग्राहकों की संख्या 2.32 से 4.96 लाख के बीच है.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले पांच साल में जेरोधा के ग्राहकों की सालाना ग्रोथ रेट 200 से 300 फीसदी रही है.

जेरोधा के मॉडल पर काम करने वाली ब्रोकरेज फर्मों को डिस्काउंट ब्रोकरेज कहा जाता है.

इस मॉडल पर काम करने वाली दूसरी कंपनियों की ग्रोथ भी काफी तेज रही है. इनमें अपस्टॉक्स (पहले आरकेएसवी), सैम्को और एसएएस ऑनलाइन शामिल हैं.

इन ब्रोकरेज फर्मों के ग्राहकों की संख्या में भी पिछले दो साल में दो से तीन गुनी वृद्धि हुई है.

ऐसी ब्रोकरेज फर्मों को डिस्काउंट ब्रोकरेज कहते हैं, जो पुराने ब्रोकरेज फर्मों के मुकाबले ग्राहकों से बहुत कम कमीशन लेती है.

ये सिर्फ ऑनलाइन ट्रेडिंग फैसिलिटी देती है. ये रिसर्च सपोर्ट या वित्तीय सलाह नहीं देती हैं.

दुनिया भर में कम कमीशन वाले मॉडल के चलते डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म ट्रेडर्स के बीच बहुत लोकप्रिय रही हैं. निवेशकों के बीच में इतनी लोकप्रियता इतनी नहीं रही है.

जेरोधा टेक्नोलॉजी आधारित स्टॉक ब्रोकिंग कंपनी है. इसकी शुरुआत 2010 में हुई थी.

नितिन कामत और निखिल कामत ने इसकी स्थापना की थी. दोनों भाई हैं. जेरोधा देश की पहली डिस्काउंट ब्रोकरेज फर्म है. इसकी शुरुआत से देश की ब्रोकिंग इंडस्ट्री का परिदृश्य काफी बदला है.

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